History

लोहासन माता (नोशल/आनंदी/अमरल माता) – मेंठी गोत्र Share on

संपूर्ण इतिहास, मान्यता और गोत्र जानकारी  ???? स्थान

लोहासन माता का पवित्र धाम
अजमेर से रूपनगढ़ होते हुए — नौशल कोठड़ी (नोशल) गाँव, राजस्थान
में स्थित है। यह धाम पुरातन, सिद्ध और अत्यंत श्रद्धा वाला शक्ति स्थल है।

???? माता के प्रमुख नाम और उनके कारण

1️⃣ लोहासन माता (मुख्य नाम)

माता का प्राचीन और प्रमुख नाम लोहासन माता है।
खंडेलवाल समाज के मेठी (Meethi) गोत्र सहित कई परिवारों की कुलदेवी रूप में इनकी पूजा की जाती है।

2️⃣ आनंदी माता (माहेश्वरी समाज में प्रचलित नाम)

माहेश्वरी समाज में माता को आनंदी माता के नाम से जाना जाता है।
इसका कारण:
माता रानी मेठी के साथ–साथ माहेश्वरी समाज की चार गोत्रों की कुलदेवी भी हैं—

चितलंगिया

जेथलिया

पलोड़

भाला

3️⃣ अमरल माता (चमत्कार से जुड़ा नाम)

माता को अमरल माता इसलिए कहा जाता है क्योंकि—
धाम पर स्थित इमली का पवित्र पेड़ बिना पानी के लगातार हरा–भरा रहता है,
जो माता की दिव्य शक्ति और चमत्कार का प्रमाण माना जाता है।

इसी इमली के पेड़ में
स्वयंभू गणेश जी प्रकट हुए
जिनकी स्थानीय और कुलपरंपरागत रूप से पूजा की जाती है।

4️⃣ नोशल माता (गाँव से संबंधित नाम)

धाम जिस गाँव में स्थित है —
नौशल/नोशल/नोशल कोठड़ी
— इसलिए ग्रामीण और आस–पास के समाजजन माता को नोशल माता भी कहते हैं।

???? कुलदेवी परंपरा

लोहासन माता निम्न समाज एवं गोत्रों की कुलदेवी के रूप में पूजित हैं—

✔️ खंडेलवाल समाज — मेठी गोत्र

(यह सबसे प्रचलित कुलदेवी परंपरा है)

 

✔️ स्थानीय ग्राम–परिवार एवं अन्य शाकद्वीपीय/वैश्य कुल

गाँव व आस-पास के कई परिवार माता को ग्रामदेवी रूप में पूजते हैं।

???? धाम का महत्व और इतिहास

यह धाम अत्यंत प्राचीन सिद्ध शक्ति स्थल है।

माता की प्रतिमा स्वयंभू रूप में प्रकट हुई मानी जाती है।

इमली का “अमरल वृक्ष” माता की शक्ति का प्रतीक है।

यहाँ प्रकट हुए स्वयंभू गणेश जी का दर्शन विशेष पुण्यदायक माना जाता है।

परिवारों में नए कार्य, विवाह, शुभ आरंभ, नामकरण आदि से पहले माता के धाम पर दर्शन की परंपरा है।

???? उत्सव एवं भंडारा (15 वर्ष से निरंतर सेवा)

प्रतिवर्ष चैत्र नवरात्र और शारदीय नवरात्रि में माता धाम पर विराट उत्सव मनाया जाता है।

पिछले लगभग 15 वर्षों से आपसी सहयोग से निरंतर भंडारे की निःशुल्क व्यवस्था चल रही है।

देशभर से खंडेलवाल तथा माहेश्वरी समाज बंधु दर्शन हेतु आते हैं।

???? धाम से संबंधित संपर्क

भेरू जी पारीक – माता धाम के पुजारी
मोबाइल: 82902 39161
(कार्यक्रम, पंजीकरण, व्यवस्था या किसी भी जानकारी हेतु प्रत्यक्ष संपर्क)

???? धाम पर सुविधाएँ

आज के समय में माता धाम पर—

कार्यक्रम आयोजन की संपूर्ण सुविधाएँ

पंडित–व्यवस्था

भोजन–भंडारा

खुले प्रांगण

बिजली–पानी–आवास की आधारभूत व्यवस्था
उपलब्ध है।

एक बड़ा हाल और 8 कमरे आवास आदि की व्यवस्था 

???? निष्कर्ष

लोहासन माता — आनंदी माता — अमरल माता — नोशल माता
सभी नाम एक ही दिव्य शक्ति स्वरूपा से जुड़े हैं।

माता रानी के इस सिद्ध धाम में दर्शन कर हर सद्भावना, मनोकामना और शुभ कार्य सिद्ध होने का विश्वास समाज में पीढ़ियों से चला आ रहा है।