History

सेतलवास माता धामाणी, राजोरिया, भागला की कुलदेवी Share on

सीकर जिले के खडेला में  
*सिर्फ एक वर्ष में 65 लाख रुपये का भव्य निर्माण पूर्ण हो 
यह उदाहरण हमारे लिए सबसे बड़ी सीख है।
*राजोरिया, भागला, धामाणी — इनकी कुलदेवी हैं सेतलवास माता*।
माता का स्थान एक ऐसे खेत में था, जो  माली बंधु का था।
अनेक बार कहा गया कि वह स्थान खरीद लिया जाए,
पर माली बंधु ने मना कर दिया।
परिणामस्वरूप माता का स्थान वर्षों तक विकसित नहीं हो सका।
पर माता की ऐसी कृपा हुई कि
जो कार्य सैकड़ों वर्षों में नहीं हुआ, वह एक ही वर्ष में हो गया।
आज वहाँ
विशाल मंदिर बन चुका है
गेस्ट हाउस तैयार है
2 क्लास सुविधा युक्त कमरे
मिनी किचन, एसी
सुसज्जित बेड
बड़े, आधुनिक लेट-बाथ
अन्य मंदिरों का निर्माण भी प्रगति पर है
माली बंधु के पुत्र ने कहा —
“माता हमारे खेत में विराजमान हैं, हम उन्हें कैसे बेच दें?”
संवाद हुआ…
विवाद सुलझा…
समझ बनी…
और माता का संसार बस गया।
यह कहानी नहीं, चेतावनी और प्रेरणा दोनों है।
जुड़ेंगे — तभी बढ़ेंगे।
विश्वास करेंगे — तभी निर्माण होगा।
*डॉ. अशोक खंडेलवाल
चिकित्सासंसार*
???? 9425092492
 

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