History
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जीण माता मंदिर : इतिहास, स्थान और प्रबंधन
(तथ्यात्मक लेख)
जीण माता स्थल पर खंडेलवाल की बालकिशन जी दुसाद ट्रस्ट की धर्मशाला भी है जहां आप रुक सकते है।
यह नाटाणी, दुसाद, कायथवाल, पाटोदिया, कासलीवाल, टटार, खारवाल, भण्डारिया, तमोलिया, लाभी, सांखूनियाँ, शाहरा, सोनी की कुलदेवी है।
1. स्थान परिचय
जीण माता मंदिर राजस्थान के सीकर ज़िले की खंडेला तहसील में स्थित है। यह मंदिर अरावली पर्वतमाला के वन क्षेत्र में अवस्थित है। सीकर से इसकी दूरी लगभग 30 किलोमीटर तथा जयपुर से लगभग 120 किलोमीटर है। खंडेला से सीकर पलसाना होते हुए 51 किलोमीटर है।यह क्षेत्र प्राचीन काल से देवी उपासना का केंद्र रहा है।
2. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
जीण माता मंदिर का वर्तमान स्थापत्य 8वीं से 10वीं शताब्दी के मध्य का माना जाता है। मंदिर की वास्तुकला और मूर्तिकला प्रतिहार तथा प्रारंभिक चौहान काल की शैली से मेल खाती है। मंदिर क्षेत्र में प्राप्त प्राचीन अवशेष यह संकेत देते हैं कि यहाँ देवी उपासना का केंद्र मंदिर निर्माण से पहले भी विद्यमान था।
“जीण” नाम का प्रयोग इस स्थान की प्राचीनता को दर्शाता है, जिसका संबंध “जीर्ण” अर्थात अत्यंत पुराना स्थान से माना जाता है।
3. धार्मिक स्वरूप
जीण माता को शक्ति उपासना की परंपरा में दुर्गा स्वरूप के रूप में पूजा जाता है। यह स्थल शेखावाटी अंचल में देवी आराधना का प्रमुख केंद्र रहा है। समय के साथ यह स्थान जनसामान्य की आस्था का केंद्र बन गया।
4. सामाजिक संबंध
खंडेलवाल समाज शेखावाटी क्षेत्र में बसने के बाद जीण माता को अपनी कुलदेवी के रूप में मानता है। पीढ़ियों से समाज के परिवार यहाँ दर्शन, पूजा और पारंपरिक अनुष्ठान करते रहे हैं। इसी कारण जीण माता का नाम खंडेलवाल समाज की धार्मिक परंपरा से जुड़ा हुआ है।
5. शासकीय एवं ऐतिहासिक संरक्षण
शेखावाटी क्षेत्र के स्थानीय शासकों द्वारा मंदिर परिसर की समय-समय पर मरम्मत, सुरक्षा और मेला व्यवस्था कराई जाती रही। मंदिर क्षेत्र का विकास स्थानीय प्रशासन और शासकीय सहयोग से होता रहा है।
6. ट्रस्ट एवं प्रबंधन
जीण माता मंदिर एक सार्वजनिक धार्मिक स्थल है। मंदिर का प्रबंधन सार्वजनिक धार्मिक न्यास के रूप में किया जाता है, जो राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग के अंतर्गत कार्य करता है। मंदिर की आय, व्यय, पूजा व्यवस्था, मेला संचालन और रखरखाव ट्रस्ट द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित होता है।
7. वर्तमान स्थिति
वर्तमान समय में जीण माता मंदिर एक प्रमुख क्षेत्रीय शक्तिपीठ है। यहाँ राजस्थान सहित अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु दर्शन हेतु आते हैं। नवरात्रों और वार्षिक मेलों में दर्शनार्थियों की संख्या अत्यधिक बढ़ जाती है। मंदिर सभी समाजों और वर्गों के लिए खुला है।
