अमेरिका में लकड़ी के घर और आधुनिकता(गगनचुम्बी इमारतो) का संगम Share on

अमेरिका में लकड़ी के घर और आधुनिकता का संगम

इतिहास • कला • नगर नियोजन • विज्ञान • विशाल बहुमंजिला ढाँचे

प्रस्तुति — डॉ. अशोक खण्डेलवाल | चिकित्सा संसार

अमेरिका की यात्रा में रेडमंड, बेलव्यू और सिएटल को देखने का अवसर मिला। इन शहरों में घूमते हुए एक दृश्य बार-बार ध्यान आकर्षित करता रहा—कहीं दो-तीन मंजिल के सुंदर घर लकड़ी के ढाँचे पर खड़े हैं, तो कहीं बहुमंजिला आवासीय इमारतें और विशाल निर्माण ढाँचे दिखाई देते हैं।

पहली नजर में मन में सवाल उठता है—

इतना आधुनिक और तकनीकी रूप से विकसित देश मकान बनाने में लकड़ी का इतना उपयोग क्यों करता है, जबकि उसके पास सीमेंट, कंक्रीट और स्टील जैसी मजबूत आधुनिक सामग्री उपलब्ध है?

क्या लकड़ी कंक्रीट से अधिक मजबूत है?

नहीं।

फिर लकड़ी क्यों?

इस प्रश्न का उत्तर केवल जंगलों में नहीं है। इसका संबंध अमेरिका के हजारों वर्षों के मानव अनुभव, इतिहास, भूगोल, जलवायु, प्राकृतिक संसाधनों, अर्थव्यवस्था, नगर नियोजन, वास्तुकला और आधुनिक विज्ञान से है।

 

???? इतिहास—कहानी हजारों वर्ष पुरानी है

अमेरिका में लकड़ी से निर्माण कोई आधुनिक आविष्कार नहीं है।

उत्तर अमेरिका के मूल निवासियों ने हजारों वर्षों से स्थानीय लकड़ी, टहनियों, छाल और अन्य प्राकृतिक सामग्री का उपयोग करके घर बनाए। अलास्का में कम-से-कम 3,000 वर्ष पुराने लकड़ी के ढाँचे वाले घरों के पुरातात्विक प्रमाण मिले हैं।

अर्थात लकड़ी के साथ निर्माण का ज्ञान वहाँ पीढ़ियों से विकसित होता रहा।

लेकिन उस समय की तकनीक और आज के रेडमंड के तीन मंजिला मकान को एक जैसा समझना गलत होगा।

पुराना ज्ञान आधार था; आधुनिक विज्ञान ने उसे नई दिशा दी।

यूरोपीय बसावट के बाद 17वीं और 18वीं शताब्दी में लकड़ी के ढाँचे वाले घर तेजी से बढ़े। विशाल वन, उपलब्ध लकड़ी और निर्माण की व्यावहारिक आवश्यकता ने इसे आगे बढ़ाया।

फिर 19वीं शताब्दी में एक बड़ा परिवर्तन आया।

1830 के दशक में हल्के लकड़ी के ढाँचे वाली नई निर्माण पद्धति ने अमेरिकी निर्माण को बदल दिया।

इसमें बड़े-बड़े भारी लकड़ी के खंभों की जगह छोटे, मानकीकृत लकड़ी के टुकड़ों और कीलों से ढाँचा बनाया जाने लगा। इससे निर्माण तेज हुआ, श्रम की आवश्यकता कम हुई और सामान्य परिवारों के लिए घर बनाना अधिक आसान हुआ। इस पद्धति को आगे चलकर हल्का ढाँचा निर्माण कहा गया।

बाद में इसका और विकसित रूप आया, जिसमें एक मंजिल का ढाँचा तैयार करके उसके ऊपर अगली मंजिल बनाई जाती है।

आज के अमेरिकी लकड़ी के मकानों की आधुनिक कहानी यहीं से आगे बढ़ती है।

हजारों वर्ष का अनुभव + पिछले दो सौ वर्षों का औद्योगिक विज्ञान = आधुनिक अमेरिकी लकड़ी का निर्माण।

 

???? फिर कंक्रीट क्यों नहीं?

यही इस पूरे लेख का सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न है।

कंक्रीट अत्यंत मजबूत है।

बड़े पुल, बाँध, अस्पताल, भूमिगत संरचनाएँ, गगनचुंबी इमारतें और विशाल आधारभूत ढाँचे कंक्रीट और स्टील के बिना संभव नहीं होते।

लेकिन हर भवन को सबसे भारी सामग्री से बनाना आवश्यक नहीं।

लकड़ी अपेक्षाकृत हल्की है।

इसे निश्चित आकारों में तैयार किया जा सकता है।

इसे जोड़ना तेज हो सकता है।

इसके ढाँचे के बीच तापरोधक सामग्री आसानी से लगाई जा सकती है।

और अमेरिका में लकड़ी से निर्माण की पूरी औद्योगिक व्यवस्था विकसित हो चुकी है।

इसलिए प्रश्न यह नहीं है—

“कंक्रीट मजबूत है या लकड़ी?”

सही प्रश्न है—

“किस स्थान, किस मौसम, किस प्रकार की इमारत और किस आवश्यकता के लिए कौन-सी सामग्री अधिक उपयुक्त है?”

यही आधुनिक इंजीनियरिंग की सोच है।

 

⚖️ हल्का होना भी एक शक्ति है

लकड़ी कंक्रीट से बहुत हल्की होती है।

इसका अर्थ है कि समान आकार की संरचना में भवन का कुल भार कम हो सकता है और उसी के अनुसार नींव तथा ढाँचे की योजना बनाई जा सकती है।

भूकंप वाले क्षेत्रों में भवन का भार एक महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग विचार होता है। लेकिन केवल हल्का होना पर्याप्त नहीं—पूरी संरचना को भूकंप, हवा और अन्य भारों के लिए सही ढंग से डिजाइन करना पड़ता है।

अर्थात—

हल्का होना कमजोरी नहीं; सही परिस्थिति में यह इंजीनियरिंग का लाभ हो सकता है।

 

⚡ निर्माण की गति—अमेरिकी मॉडल की बड़ी ताकत

अमेरिका में निर्माण केवल कारीगर के अनुभव पर निर्भर नहीं रहा।

यह एक संगठित औद्योगिक व्यवस्था बन चुका है।

लकड़ी निश्चित आकारों में तैयार होती है। उसकी गुणवत्ता जाँची जाती है। जोड़ने वाली सामग्री और अन्य निर्माण सामग्री भी निर्धारित मानकों के अनुसार तैयार होती है।

इससे भवन का ढाँचा तेजी से खड़ा किया जा सकता है।

यही कारण है कि एक बड़ा आवासीय परिसर भी योजनाबद्ध तरीके से अपेक्षाकृत तेज गति से तैयार किया जा सकता है।

 

????️ लेकिन असली कहानी मकान की नहीं—शहर की है

रेडमंड, बेलव्यू और सिएटल में घूमते हुए मुझे लगा कि केवल मकानों को देखकर अमेरिका को समझना अधूरा है।

अमेरिका की बड़ी उपलब्धि उसके नगर नियोजन में भी दिखाई देती है।

मकान कहाँ होंगे?

सड़क कहाँ होगी?

पैदल चलने वालों के रास्ते कहाँ होंगे?

हरियाली और खुले स्थान कहाँ रहेंगे?

बारिश का पानी कहाँ जाएगा?

बिजली और संचार की व्यवस्था कहाँ से जाएगी?

विद्यालय, अस्पताल, बाजार और सार्वजनिक परिवहन कहाँ होंगे?

आग या अन्य आपात स्थिति में सहायता कैसे पहुँचेगी?

इन प्रश्नों को केवल मकान बनने के बाद नहीं देखा जाता। आधुनिक नगर नियोजन में इनका विचार पहले किया जाता है।

पहले क्षेत्र की योजना, फिर भवन की योजना।

यही कारण है कि अनेक स्थानों पर बड़ी संख्या में मकान और बहुमंजिला इमारतें होने के बावजूद पूरा क्षेत्र व्यवस्थित दिखाई देता है।

 

????️ केवल मकान नहीं, पूरा जीवन बनाया जाता है

एक आधुनिक शहर में घर अकेला नहीं होता।

उसके साथ सड़क है।

पैदल मार्ग है।

हरियाली है।

पार्किंग है।

जल निकासी है।

कचरा प्रबंधन है।

बिजली और संचार है।

विद्यालय और अन्य सार्वजनिक सुविधाएँ हैं।

अर्थात—

अच्छा मकान तभी अच्छा है जब उसके आसपास का जीवन भी व्यवस्थित हो।

यही नगर नियोजन का वास्तविक अर्थ है।

 

????️ छोटे घर से विशाल बहुमंजिला ढाँचे तक

यहाँ केवल “लकड़ी के मकान” कहना अमेरिका की निर्माण व्यवस्था को बहुत छोटा कर देना होगा।

आपने रेडमंड में तीन मंजिल तक के मकान, तथा बेलव्यू और सिएटल में बहुमंजिला आवासीय इमारतें और बड़े निर्माण ढाँचे देखे हैं।

आज लकड़ी का उपयोग केवल छोटे परिवार के मकान तक सीमित नहीं है। उपयुक्त नियमों और संरचनात्मक डिजाइन के अंतर्गत बहुमंजिला लकड़ी-ढाँचे वाली इमारतें भी बनाई जाती हैं।

रेडमंड के वर्तमान भवन नियमों में तो बहुमंजिला लकड़ी-ढाँचे वाली संरचनाओं के लिए विशेष प्रावधानों पर भी काम किया गया है।

साथ ही यह समझना जरूरी है कि हर विशाल या बहुत ऊँची इमारत पूरी तरह लकड़ी की नहीं होती। कई आधुनिक भवनों में कंक्रीट, स्टील और लकड़ी का मिश्रित उपयोग होता है।

अर्थात आधुनिकता का अर्थ एक ही सामग्री पर निर्भर होना नहीं है।

जहाँ जो सामग्री उपयुक्त है, वहाँ उसका उपयोग—यही असली विज्ञान है।

 

????️ पहाड़ पर घर—घर से पहले जमीन

अमेरिका के कई क्षेत्रों में ढलानदार और पहाड़ी जमीन पर भी मकान और इमारतें दिखाई देती हैं।

लेकिन ऐसे स्थान पर निर्माण की शुरुआत लकड़ी, ईंट या कंक्रीट से नहीं होती।

शुरुआत होती है—

जमीन को समझने से।

विशेषज्ञ देखते हैं—

  • मिट्टी कैसी है?
  • नीचे चट्टान कहाँ है?
  • ढलान कितनी है?
  • जमीन कितना भार सह सकती है?
  • बारिश का पानी किस दिशा में जाएगा?
  • मिट्टी खिसकने की संभावना कितनी है?

इसके बाद आवश्यकता के अनुसार मजबूत नींव, सहारा देने वाली दीवारें, जल निकासी और ढलान को स्थिर रखने की व्यवस्था की जाती है।

पहाड़ को हराने की कोशिश नहीं—पहाड़ को समझकर निर्माण।

 

???? पहाड़ पर पानी सबसे बड़ी चुनौती

ढलान पर वर्षा का पानी केवल ऊपर से बहकर नहीं जाता। कुछ पानी जमीन के अंदर भी जा सकता है।

यदि पानी का उचित प्रबंधन न हो तो मिट्टी भारी और कमजोर हो सकती है और ढलान अस्थिर हो सकता है।

इसलिए पहाड़ी निर्माण में—

जल निकासी + सहारा देने वाली दीवार + उचित नींव + ढलान स्थिरीकरण

का महत्व बढ़ जाता है।

कई बार घर को पहाड़ काटकर पूरी तरह समतल जमीन पर रखने के बजाय ढलान के अनुरूप अलग-अलग स्तरों पर बनाया जाता है।

प्रकृति को काटकर नहीं, प्रकृति के अनुसार निर्माण करना—यही वैज्ञानिक दृष्टिकोण है।

 

????️ इतनी बारिश में लकड़ी कैसे बचती है?

रेडमंड और सिएटल क्षेत्र में वर्षा सामान्य जीवन का हिस्सा है।

फिर लकड़ी सड़ती क्यों नहीं?

क्योंकि आधुनिक भवन में लकड़ी को सीधे मौसम के संपर्क में नहीं छोड़ा जाता।

छत, नालियाँ, पानी रोकने वाली परतें, बाहरी आवरण और जल निकासी की व्यवस्था वर्षा के पानी को भवन के ढाँचे से दूर रखने में मदद करती हैं।

बाथरूम, स्नानघर और रसोई जैसे स्थानों में अलग जलरोधी व्यवस्था होती है।

लकड़ी घर का ढाँचा है; पानी से सुरक्षा उसकी वैज्ञानिक व्यवस्था है।

 

???? पानी, शौचालय और रसोई की पूरी व्यवस्था

लकड़ी का घर होने का अर्थ यह नहीं कि पानी की पाइपें बाहर दिखाई देती हैं।

दीवारों और फर्श के भीतर—

पीने का पानी
गर्म पानी
स्नानघर की निकासी
शौचालय की निकासी
रसोई का पानी
विद्युत तार
ताप और हवा की व्यवस्था

सब योजनाबद्ध तरीके से जाती है।

तीन मंजिल के मकान में ऊपर के स्नानघर और शौचालय की निकासी की पाइपें नीचे की मंजिलों से होकर मुख्य निकासी व्यवस्था तक जाती हैं।

जहाँ पाइपों के लिए लकड़ी के ढाँचे में जगह बनानी हो, वहाँ उसके आकार और स्थान को संरचनात्मक नियमों के अनुसार तय किया जाता है।

लकड़ी और पानी दुश्मन नहीं हैं; गलत योजना और लगातार नमी दुश्मन हैं।

 

???? लकड़ी और आग—फिर सुरक्षा कैसे?

लकड़ी ज्वलनशील सामग्री है। इसलिए आधुनिक लकड़ी के भवनों में अग्नि सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है।

धुआँ पहचानने वाले यंत्र, आग रोकने वाली दीवारें और परतें, सुरक्षित विद्युत व्यवस्था तथा भवन की आवश्यकता के अनुसार स्वचालित अग्निशमन व्यवस्था इसका हिस्सा हो सकती है।

छत में लगा पानी छोड़ने वाला अग्निशमन यंत्र सामान्यतः धुआँ देखकर नहीं, बल्कि उसके आसपास बहुत अधिक गर्मी पहुँचने पर सक्रिय होता है।

यानी—

सामग्री के साथ सुरक्षा विज्ञान भी विकसित हुआ।

Bellevue में वर्तमान भवन नियमों में भवन निर्माण और अग्नि सुरक्षा दोनों के लिए अलग-अलग विस्तृत प्रावधान हैं।

 

❄️ ठंड और तापरोधक व्यवस्था

अमेरिका के अनेक हिस्सों में सर्दियाँ बहुत ठंडी होती हैं।

लकड़ी के ढाँचे की दीवारों के बीच तापरोधक सामग्री भरी जा सकती है। इससे घर के अंदर की गर्मी बाहर जाने से कम होती है।

इस प्रकार—

लकड़ी का ढाँचा + तापरोधक सामग्री + हवा रोकने की व्यवस्था + ताप व्यवस्था

मिलकर घर को आरामदायक बनाने में मदद करते हैं।

 

???? अमेरिका की विषम परिस्थितियों ने निर्माण बदला

अमेरिका को एक समान जलवायु और भूगोल वाला देश समझना भूल होगी।

कहीं अत्यधिक ठंड है।

कहीं गर्मी।

कहीं भारी बर्फबारी है।

कहीं समुद्री तूफान।

कहीं भूकंप का खतरा।

कहीं पहाड़ हैं।

कहीं विशाल मैदान।

इसलिए पूरे अमेरिका में एक जैसी निर्माण शैली नहीं है।

निर्माण की तकनीक स्थानीय परिस्थिति के अनुसार बदलती है।

यही कारण है कि लकड़ी का उपयोग व्यापक होने के बावजूद उसकी संरचना, बाहरी आवरण, नींव और सुरक्षा व्यवस्था क्षेत्र के अनुसार अलग हो सकती है।

 

???? कला और विज्ञान का संगम

इन मकानों और इमारतों को केवल मजबूत बनाना उद्देश्य नहीं है।

उनमें सुंदरता भी दिखाई देती है।

खिड़कियों की बनावट, छत का आकार, बालकनी, बाहरी आवरण, रंग, पेड़-पौधे और सड़क से भवन का संबंध—सब मिलकर एक सुंदर वातावरण बनाते हैं।

**विज्ञान भवन को खड़ा करता है,

कला उसे सुंदर बनाती है,
और नगर नियोजन उसे जीवन देता है।**

 

???? जंगल से घर तक—एक पूरी अर्थव्यवस्था

जिस लकड़ी को हम मकान की दीवार में देखते हैं, उसके पीछे एक बहुत बड़ी व्यवस्था होती है।

वन → कटाई → आरा मिल → सुखाना → गुणवत्ता जाँच → निर्धारित आकार → निर्माण सामग्री → भवन

अर्थात लकड़ी केवल जंगल की वस्तु नहीं रही।

वह एक पूरी औद्योगिक श्रृंखला का हिस्सा बन गई।

यही औद्योगिकीकरण लकड़ी को आधुनिक निर्माण सामग्री में बदलता है।

 

???????? असली आधुनिकता क्या है?

अमेरिका को देखकर एक बात स्पष्ट होती है—

आधुनिकता किसी एक सामग्री का नाम नहीं है।

कंक्रीट आधुनिक है।

स्टील आधुनिक है।

काँच आधुनिक है।

और वैज्ञानिक तरीके से तैयार की गई लकड़ी भी आधुनिक हो सकती है।

आधुनिकता इस बात में है कि—

किस जगह कौन-सी सामग्री उपयोगी है,
उसका उपयोग किस प्रकार किया जाए,
प्रकृति की चुनौतियों से कैसे बचा जाए,
और पूरे शहर को भविष्य की जरूरतों के अनुसार कैसे बनाया जाए।

 

???????? भारत के लिए सीख

इस पूरी व्यवस्था को देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि भारत को भी हर मकान लकड़ी का बना देना चाहिए।

भारत की जलवायु, मिट्टी, जनसंख्या, वर्षा, तापमान, निर्माण परंपरा और आर्थिक परिस्थितियाँ अलग हैं।

लेकिन अमेरिका से हम एक बड़ी सीख अवश्य ले सकते हैं—

निर्माण केवल मकान बनाने का काम नहीं है।

यह जमीन को समझने का विज्ञान है।

यह पानी को नियंत्रित करने की व्यवस्था है।

यह मौसम के अनुसार सामग्री चुनने की बुद्धिमत्ता है।

यह सड़क, आवास, हरियाली, बाजार, परिवहन और सार्वजनिक सुविधाओं को एक साथ देखने की योजना है।

और सबसे बढ़कर—

यह भविष्य को ध्यान में रखकर वर्तमान में निर्माण करने की सोच है।

 

???? निष्कर्ष

रेडमंड के लकड़ी के घरों से लेकर बेलव्यू और सिएटल की बहुमंजिला इमारतों तथा विशाल निर्माण ढाँचों तक अमेरिका की कहानी केवल लकड़ी की कहानी नहीं है।

यह कहानी है—

हजारों वर्षों के अनुभव की,
प्राकृतिक संसाधनों की,
विषम जलवायु की,
नगर नियोजन की,
वास्तुकला की,
इंजीनियरिंग की,
अग्नि सुरक्षा की,
जल प्रबंधन की,
और आधुनिक विज्ञान की।

कंक्रीट मजबूत है, लेकिन भारी है।

लकड़ी हल्की है, लेकिन उसे नमी और आग से बचाने के लिए विशेष व्यवस्था चाहिए।

इसलिए सही प्रश्न यह नहीं कि—

“लकड़ी अच्छी या कंक्रीट?”

सही प्रश्न है—

“किस परिस्थिति में कौन-सी सामग्री सबसे उपयुक्त है?”

और शायद अमेरिका की निर्माण संस्कृति का सबसे बड़ा संदेश यही है—

**“स्थान के अनुसार सामग्री,

प्रकृति के अनुसार योजना,
विज्ञान के अनुसार निर्माण
और भविष्य के अनुसार नगर।”**

यही है—

अमेरिका में लकड़ी के घर और आधुनिकता का संगम

प्रस्तुति —
डॉ. अशोक खण्डेलवाल
चिकित्सा संसार

 

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